पटना: बिहार में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी व जवाबदेह बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) के 51 अधिकारियों का तबादला करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। 28 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना के जरिए सचिवालय से लेकर मैदानी स्तर तक व्यापक फेरबदल किया गया है, जिससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस प्रशासनिक सर्जरी में अपर सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव से लेकर अनुमंडल पदाधिकारी स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि विकास योजनाओं, जनहित के कार्यों और कानून-व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सचिवालय स्तर पर अहम बदलाव
राज्य सरकार ने सचिवालय स्तर पर कई महत्वपूर्ण विभागों में नए अधिकारियों की तैनाती की है। मृणायक दास को स्वास्थ्य विभाग का अपर सचिव बनाया गया है, जबकि तारानन्द महतो वियोगी को कला एवं संस्कृति विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। समाज कल्याण विभाग में सुशील कुमार को संयुक्त सचिव, कृषि विभाग में अमित कुमार को संयुक्त सचिव और डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग में कुमार रवीन्द्र को संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। इन बदलावों को नीतिगत फैसलों के क्रियान्वयन में तेजी लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
जिलों में प्रशासनिक मजबूती पर जोर
मैदानी स्तर पर प्रशासन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई जिलों में नए अनुमंडल पदाधिकारियों की तैनाती की गई है। मती रत्ना प्रियदर्शिनी को कैमूर जिले के मोहनियां का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है। विजय कुमार को पूर्वी चंपारण के सिकरहना, बलवीर दास को अररिया सदर, मती चांदनी कुमारी को बगहा, मती प्रियंका कुमारी को शेखपुरा और विवेक चंद्र पटेल को वैशाली के महुआ अनुमंडल की जिम्मेदारी दी गई है।
जमीन और भू-अर्जन से जुड़े पदों पर नई तैनाती
भूमि विवाद और अधिग्रहण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और गति लाने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण पदों पर भी नए अधिकारियों की नियुक्ति की है। कुमार विनोद को औरंगाबाद, प्रभात चंद्र को नालंदा और नवीन कुमार को रोहतास का बंदोबस्त पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं ओम प्रकाश को पटना, रवि प्रकाश को दरभंगा और रंजीत कुमार रंजन को पूर्णिया का जिला भू-अर्जन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
बोर्ड और आयोगों में भी फेरबदल
विभिन्न संवैधानिक व वैधानिक संस्थानों के सुचारू संचालन के लिए भी अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है। मो. अतहर को सुन्नी वक्फ बोर्ड का मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, अशोक कुमार गुप्ता को बिहार राज्य कर्मचारी चयन आयोग का संयुक्त सचिव और सैयद शहजाद अहमद को बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग का सदस्य सचिव बनाया गया है। इसके अलावा शिव कुमार राउत को बिहार शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम का महाप्रबंधक नियुक्त किया गया है।
लोक शिकायत निवारण व्यवस्था को भी किया गया मजबूत
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लोक शिकायत निवारण व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। सु मैत्री को हाजीपुर, इष्टदेव महादेव को टेकारी और विकास कुमार को सुपौल में लोक शिकायत निवारण से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया गया है।
बिना ट्रांजिट पीरियड तत्काल योगदान का आदेश
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि सभी स्थानांतरित अधिकारी बिना किसी पारगमन अवधि का लाभ लिए अपने नए पदस्थापन पर अविलंब योगदान देंगे। साथ ही अनुमंडल पदाधिकारियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 के तहत कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियां भी प्रदान की गई हैं। जिन अधिकारियों का फिलहाल किसी अन्य पद पर स्थानांतरण नहीं हुआ है, उन्हें विभाग में योगदान कर प्रतीक्षा में रहने का निर्देश दिया गया है।
सरकार के इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल को सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में प्रशासनिक दक्षता और जनसेवा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद की जा रही है।